देहरादून: 12 घंटे में चोरी का खुलासा, अपने ही घर में चोरी करने वाले मामा-भांजे गिरफ्तार
देहरादून। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून की सटीक रणनीति और “ऑपरेशन प्रहार” के तहत डोईवाला पुलिस ने चोरी की एक सनसनीखेज घटना का मात्र 12 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हैरानी की बात यह है कि चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले कोई बाहरी अपराधी नहीं, बल्कि पीड़िता का सगा भाई और बेटा निकले।
पुलिस के अनुसार, रेशम माजरी पाल मोहल्ला निवासी मोनिका गोस्वामी ने 5 जून को कोतवाली डोईवाला में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह अपने परिवार के साथ बद्रीनाथ धाम दर्शन के लिए गई थीं। वापस लौटने पर घर की अलमारी में रखी ज्वैलरी और नकदी चोरी मिली। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले और 6 जून को फतेहपुर टांडा क्षेत्र में चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमित सिंह नेगी (37 वर्ष) और चिराग बोरा (18 वर्ष) के रूप में हुई है। पूछताछ में अमित नेगी ने बताया कि वह पीड़िता का सगा भाई है, जबकि चिराग उसका भांजा और पीड़िता का पुत्र है। दोनों ने नशे और ऑनलाइन गेमिंग/गैम्बलिंग की लत पूरी करने के लिए इस वारदात की साजिश रची थी।
पुलिस जांच में सामने आया कि परिवार के बद्रीनाथ यात्रा पर जाने के दौरान दोनों बहाना बनाकर घर में ही रुक गए थे। रात में उन्होंने घर में रखे सोने-चांदी के आभूषण और नकदी चोरी कर ली। चोरी की गई नकदी का अधिकांश हिस्सा दोनों ने नशे और ऑनलाइन गेमिंग में खर्च कर दिया। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी की गई ज्वैलरी और 2500 रुपये नकद बरामद किए हैं।
बरामदगी
चोरी की गई सोने-चांदी की ज्वैलरी
2500 रुपये नकद
गिरफ्तार आरोपी
अमित सिंह नेगी (37 वर्ष), निवासी पाल मोहल्ला, रेशम माजरी, डोईवाला
चिराग बोरा (18 वर्ष), निवासी पाल मोहल्ला, रेशम माजरी, डोईवाला
पुलिस टीम में चौकी प्रभारी लालतप्पड़ उपनिरीक्षक आदित्य सैनी, एएसआई मनोज कुमार, हेड कांस्टेबल राजीव कुमार, कांस्टेबल विकास फोर और कांस्टेबल गोनी पुरी शामिल रहे।
दून पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिसने महज 12 घंटे के भीतर चोरी की गुत्थी सुलझाकर आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
