स्थायी राजधानी गैरसैंण की मांग को लेकर अनशन के 100 दिन पूरे, आंदोलनकारियों ने किया हवन और भैंस के आगे बजाई बीन
देहरादून। उत्तराखंड की स्थायी राजधानी गैरसैंण घोषित करने की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब 100वें दिन में प्रवेश कर गया है। स्थायी राजधानी गैरसैंण समिति के बैनर तले चल रहे क्रमिक अनशन के 100 दिन पूरे होने पर आंदोलनकारियों ने सरकार के खिलाफ अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया।
आंदोलनकारियों ने सबसे पहले गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग को लेकर यज्ञ-हवन किया और नेताओं को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने सरकार की कथित उदासीनता के विरोध में भैंस के आगे बीन बजाकर अपना आक्रोश जताया।
समिति के सदस्यों ने कहा कि लंबे समय से गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग उठाई जा रही है, लेकिन सरकारें जनता की भावनाओं को नजरअंदाज कर रही हैं। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पहाड़ की जनता की आवाज को लगातार अनसुना किया जा रहा है।
इस दौरान आंदोलनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित कई नेताओं के मुखौटे पहनकर सांकेतिक प्रदर्शन किया। समिति ने इसे राजनीतिक व्यवस्था पर व्यंग्य बताते हुए कहा कि उत्तराखंड गठन के वर्षों बाद भी गैरसैंण को स्थायी राजधानी का दर्जा नहीं मिल पाया है।
प्रदर्शन में पूर्व आईएएस विनोद प्रसाद रतूड़ी, गोपाल दत्त कुमेडी, ब्रिगेडियर सर्वेश डंगवाल, पार्थ रतूड़ी, मनमोहन शर्मा, सचिन थपलियाल, शैलेंद्र शेखर करगेती, कुलदीप अग्रवाल, रामेश्वर शर्मा, दौलत राम शाह, सत्य प्रकाश कोठियाल सहित बड़ी संख्या में आंदोलनकारी और मातृशक्ति मौजूद रहे।
आंदोलनकारियों ने संकल्प लिया कि गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित किए जाने तक उनका संघर्ष जारी
