हरिद्वार में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक, विकास, रोजगार, बाढ़ सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े प्रस्तावों पर लिए गए निर्णय
हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार को हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण सभागार में उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित हुई। बैठक में प्रदेश के समग्र विकास, आधारभूत ढांचे को मजबूत करने, जनहितकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, प्रशासनिक सुधारों और युवाओं के हितों से जुड़े 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिए गए।
कैबिनेट ने सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए समूह ‘ग’ के वर्दीधारी पदों पर भर्ती संबंधी नई नियमावली, मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना, उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली और अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक समेत कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। इसके अलावा जन विश्वास संशोधन विधेयक को विधानसभा में प्रस्तुत करने, प्राच्य शोध संस्थान के विकास के लिए सोसायटी गठन और स्वजल एवं राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 215 पदों की निरंतरता को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
कैबिनेट के 13 प्रमुख फैसले
1. प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार का जताया आभार
मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार की ओर से मिल रहे निरंतर सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। राज्य की पर्वतीय, सीमावर्ती और सामरिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए भविष्य में भी विकास की प्राथमिकताओं और आवश्यकताओं के अनुरूप केंद्र सरकार से निरंतर सहयोग की अपेक्षा जताई गई।
2. मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास को मंजूरी
हरिद्वार के ऋषिकुल स्थित श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के समग्र विकास और विस्तार के लिए सोसायटी के गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। योजना के तहत संस्थान को योग एवं ध्यान केंद्र, आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान केंद्र, ज्योतिष एवं प्राच्य अध्ययन केंद्र, ललित कला केंद्र, हिंदू अध्ययन एवं दर्शन केंद्र तथा आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।
इस पहल का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा, प्राचीन विज्ञान, संस्कृति और आधुनिक शोध को बढ़ावा देना है।
3. निवेश और आधारभूत ढांचे से जुड़े अधिनियम में संशोधन
उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना (विकास और विनियम) अधिनियम, 2023 की धारा 49 के अंतर्गत अनुसूची-3 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत सार्वजनिक अभिकरणों, स्थानीय निकायों, राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों और वित्तीय रूप से स्वायत्त संस्थाओं की परिसंपत्तियों के विनिवेश एवं मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को देने का प्रावधान किया गया है।
इस व्यवस्था से परिसंपत्तियों के बेहतर प्रबंधन और आधारभूत ढांचे के विकास को गति देने में मदद मिलने की उम्मीद है।
4. द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास संशोधन विधेयक विधानसभा में आएगा
प्रदेश में व्यापारिक गतिविधियों को सरल बनाने और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी गई।
प्रस्तावित विधेयक के तहत छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने, मामूली तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक त्रुटियों के लिए नागरिक दंड और प्रशासनिक कार्रवाई की व्यवस्था करने तथा कानूनों से अप्रचलित और अनावश्यक प्रावधानों को हटाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
5. बाढ़ संभावित क्षेत्रों में विकास गतिविधियों के नियमन के लिए नियमावली मंजूर
कैबिनेट ने उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026 को मंजूरी दी। इसका उद्देश्य बाढ़ संभावित क्षेत्रों में भूमि के उपयोग और विकास गतिविधियों को नियंत्रित एवं व्यवस्थित करना है।
नियमावली के माध्यम से उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण अधिनियम, 2012 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विस्तृत प्रक्रिया, मानक और कार्यप्रणाली निर्धारित की जाएगी। इससे बाढ़ के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखने के साथ जन-धन, संपत्ति और महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचे को संभावित नुकसान से सुरक्षित रखने में सहायता मिलेगी।
6. विधानसभा के तृतीय सत्र को आहूत करने की मंजूरी
मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड की पंचम विधानसभा के वर्ष 2026 के तृतीय सत्र को आहूत करने की मंजूरी प्रदान की। सत्र की तिथि और स्थान निर्धारित करने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अधिकृत किया गया है।
7. अग्निशमन एवं आपात सेवाओं के लिए नया विधेयक
प्रदेश में अग्निशमन और आपात सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी गई।
यह विधेयक भारत सरकार के मॉडल फायर सर्विस बिल, 2019 के अनुरूप तैयार किया गया है। बढ़ते औद्योगिक विकास, शहरीकरण, आपदाओं और संभावित अग्नि दुर्घटनाओं की चुनौतियों को देखते हुए वर्तमान अग्निशमन संबंधी कानून को पुनरीक्षित कर नया कानून लाने का प्रस्ताव है।
8. सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए भर्ती नियमावली में बदलाव
युवाओं और पूर्व सैनिकों से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय के तहत राज्याधीन सेवाओं में समूह ‘ग’ के सीधी भर्ती वाले वर्दीधारी पदों पर सेवामुक्त अग्निवीरों के सेवायोजन के लिए क्षैतिज आरक्षण नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई।
इससे पहले वर्ष 2025 की नियमावली में सेवामुक्त अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, अधिकतम आयु सीमा में छूट और शारीरिक दक्षता परीक्षा से संबंधित रियायतों का प्रावधान था। केंद्र सरकार के नवीन दिशा-निर्देशों के अनुरूप नई नियमावली तैयार की गई है, जिसमें लिखित परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा में छूट के प्रावधान भी शामिल किए गए हैं। नई नियमावली पूर्व की व्यवस्था का स्थान लेगी।
9. संस्कृति विभाग में वित्तीय अधिकारों की व्यवस्था में संशोधन
उत्तराखंड वित्तीय हस्त पुस्तिका खंड-1 के वित्तीय अधिकारों के प्रतिनिधायन से संबंधित प्रावधान में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके अंतर्गत संस्कृति विभाग के विभागाध्यक्ष के रूप में पूर्व में दर्ज ‘निदेशक, कला एवं संस्कृति विभाग’ के स्थान पर ‘महानिदेशक, संस्कृति निदेशालय, उत्तराखंड’ को प्रतिस्थापित किया जाएगा।
इस बदलाव का उद्देश्य विभाग की वर्तमान प्रशासनिक व्यवस्था के अनुरूप वित्तीय अधिकारों का संचालन सुनिश्चित करना है।
10. स्वजल और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 215 पदों की निरंतरता
कैबिनेट ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत परियोजना प्रबंधन इकाई, स्वजल और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन में कुल 215 पदों की निरंतरता को मंजूरी दी। इन पदों की अवधि 1 मार्च 2026 से 28 फरवरी 2027 तक बढ़ाई गई है।
इनमें स्वजल के 189 और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 26 पद शामिल हैं। संबंधित कार्मिकों को पहले की तरह वेतन और मानदेय का भुगतान राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के माध्यम से किया जाएगा।
11. हरिद्वार में किफायती आवासीय परियोजना के लिए मार्ग संबंधी छूट
जनपद हरिद्वार की भगवानपुर तहसील के ग्राम सिसौना में प्रस्तावित किफायती आवासीय परियोजना के लिए पहुंच मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई में शिथिलता देने को मंजूरी दी गई।
प्रधानमंत्री आवास योजना तथा केंद्र और राज्य सरकार की आवास नीति के अनुरूप लगभग 8.1169 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित इस परियोजना के तलपट मानचित्र की स्वीकृति के लिए निर्धारित 9 मीटर चौड़े मार्ग के स्थान पर उपलब्ध 6 मीटर चौड़े मार्ग को देखते हुए 3 मीटर की छूट प्रदान की गई है।
12. ऊधमसिंह नगर में भू-उपयोग परिवर्तन के शासनादेश में त्रुटि सुधार
कैबिनेट ने ऊधमसिंह नगर जिले की बाजपुर तहसील के ग्राम भौना इस्लामनगर में 24,280 वर्गमीटर भूमि के औद्योगिक से आवासीय भू-उपयोग परिवर्तन संबंधी शासनादेश में खसरा संख्या की त्रुटि सुधार को मंजूरी दी।
10 नवंबर 2023 को जारी शासनादेश में त्रुटिवश दर्ज खसरा संख्या 321/1अ के स्थान पर सही खसरा संख्या 321/2अ अंकित की जाएगी।
13. मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी
प्रदेश के साहसी और बहादुर बच्चों को सम्मानित करने के लिए मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी दी गई। इसके तहत विपरीत परिस्थितियों में धैर्यपूर्वक कार्य करने तथा असाधारण साहस, पराक्रम, मानवीय संवेदना और वीरता का परिचय देने वाले बच्चों को सम्मानित किया जाएगा।
योजना का उद्देश्य ऐसे बच्चों के साहस और मानवीय योगदान को पहचान देना तथा उन्हें सम्मानित कर अन्य बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत बनाना है।
विकास और जनहित से जुड़े फैसलों पर जोर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में रोजगार, प्रशासनिक व्यवस्था, आधारभूत ढांचे, आपदा सुरक्षा, आवास, संस्कृति, स्वच्छता और बाल कल्याण से जुड़े विभिन्न प्रस्तावों पर निर्णय लिए गए। मंत्रिमंडल के इन फैसलों का उद्देश्य प्रदेश में विकास कार्यों को गति देना, सरकारी व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाना और विभिन्न वर्गों से जुड़े विषयों पर नीतिगत सुधार करना है।
