मानव तस्करी के खिलाफ उत्तराखंड पुलिस का बड़ा कदम, पंतनगर में आज राज्य स्तरीय सम्मेलन
पुलिस, सुरक्षा बलों और संबंधित विभागों के अधिकारी मिलकर बनाएंगे प्रभावी रणनीति, पीड़ितों के बचाव व पुनर्वास पर रहेगा विशेष जोर
पंतनगर/ऊधमसिंहनगर। उत्तराखंड में मानव तस्करी की रोकथाम और इसके नेटवर्क के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई को लेकर आज पंतनगर में राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। उत्तराखंड पुलिस की ओर से गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित इस एक दिवसीय सम्मेलन में पुलिस, अर्द्धसैनिक बलों, संबंधित विभागों, अभियोजन अधिकारियों, विशेषज्ञों और गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों सहित लगभग 200 अधिकारी एवं विशेषज्ञ प्रतिभाग करेंगे।
सम्मेलन का उद्घाटन अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था, उत्तराखंड श्री वी. मुरूगेशन करेंगे। आयोजन से पहले पुलिस महानिरीक्षक, कुमाऊं परिक्षेत्र श्रीमती निवेदिता कुकरेती ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
सीमावर्ती क्षेत्रों में मानव तस्करी पर रहेगी विशेष नजर
मानव तस्करी के अंतरराज्यीय और सीमावर्ती आयामों को देखते हुए सम्मेलन में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के अधिकारी भी शामिल होंगे। इसके अलावा प्रदेश के सभी 13 जनपदों की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) के नोडल अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की सहभागिता रहेगी।
बाल संरक्षण एवं कल्याण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, बाल कल्याण समिति के सदस्य, परिवीक्षा अधिकारी, श्रम विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा अभियोजन से जुड़े अधिकारी भी सम्मेलन में प्रतिभाग करेंगे। मानव तस्करी के पीड़ितों के बचाव और पुनर्वास के लिए काम कर रहे गैर-सरकारी संगठनों एवं समाजसेवियों को भी इसमें शामिल किया गया है।
कानूनी कार्रवाई से लेकर पीड़ितों के पुनर्वास तक होगी चर्चा
सम्मेलन के विभिन्न तकनीकी सत्रों में मानव तस्करी से संबंधित कानूनी प्रावधानों, आधुनिक जांच एवं विवेचना तकनीकों और पीड़ितों के सुरक्षित रेस्क्यू पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। साथ ही पीड़ितों के संरक्षण एवं पुनर्वास में पुलिस, एनजीओ और नागरिक समाज की भूमिका पर भी विचार-विमर्श होगा।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों और एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाना, मानव तस्करी के नेटवर्क के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना तथा सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाना है।
सम्मेलन में प्राप्त सुझावों के आधार पर मानव तस्करी की रोकथाम, पीड़ितों के संरक्षण और पुनर्वास के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
